धन्य हो ईश्वराम्बा

बोल

धुन

अर्थ

बातचीत

राग

मंदिर-संस्करण

भजन
  • धन्य हो ईश्वराम्बा
  • जग को दिए जो लाल बाबा
  • धन्य हो धन्य हो।
  • कलियुग में अवतार लिये
  • सकल चराचर के भगवान
  • जगदोद्धारा साई नारायण
  • धन्य हो धन्य हो।।
अर्थ

आपकी जय हो, हे शुभ माता ईश्वराम्बा, आपने इस कलियुग में, संसार को भगवान साईं के रूप में दिव्य उपहार दिया है। भगवान साई वास्तव में भगवान नारायण हैं जो सर्वव्यापी हैं, और मानव जाति के उद्धार के लिए आए हैं।

व्याख्या
धन्य हो ईश्वराम्बा ईश्वराम्बा माता की जय हो। भगवान द्वारा अपनी देह-माता के रूप में चुनी गई माता आप धन्य हो।
जग को दिए जो लाल बाबा माँ ईश्वराम्बा की स्तुति करो, जिन्होंने दुनिया को प्यारे भगवान का उपहार दिया, जिन्हें लाखों लोग साई बाबा के रूप में मानते हैं।
धन्‍य हो धन्‍य हो दिव्य माता की जय हो!
कलियुग में अवतार लिए उस निराकार की महिमा, जिन्होंने इस कलियुग में एक मानव शरीर को दिव्य रूप में चुना और एक दैवी अवतार के रूप में अवतरित हुए ।
सकल चराचर के भगवान हे भगवान, सर्वत्र आप ही हैं जो इस ब्रह्मांड में हर चीज को सक्रिय और नियंत्रित करते हैं।
जगद्दोद्धारा साई नारायण मानवता के उत्थान के लिए साई नारायण के रूप में अवतरित हुए भगवान नारायण की जय हो।
धन्‍य हो धन्‍य हो हे दैवी माता आप धन्य हो। आपकी जय-जयकार हो!

रागः सिंधु भैरवी

श्रुति: डी (पंचम)

बीट (ताल): कहरवा या आदि तालम – 8 बीट

भारतीय संकेतन
पश्चिमी संकेतन

Adopted from : https://archive.sssmediacentre.org/journals/vol_12/01MAY14/Dhanyaho-Eswaramba-radiosai-bhajan-tutor.htm