श्री सत्य साई अष्टोत्रम्

श्री सत्य साई अष्टोत्रम्
उद्देश्य:

यह गतिविधि बच्चों को साईं अष्टोत्रम् को सही क्रम में तथा आनंददायक पद्धति से याद करने का शानदार अवसर प्रदान करती है।

संबंधित मूल्य:
  • भक्ति
  • स्मृति
  • सतर्कता
  • टीम सशक्तिकरण।
आवश्यक सामग्री:

एक गेंद

गुरुओं के लिए प्रारंभिक कार्य:

कोई नहीं।

कैसे खेलें:
  1. गुरू बच्चों को एक घेरे में खड़े होने के लिए कहते हैं और उनमें से एक को एक गेंद दी जाती है।
  2. जिस बच्चे के पास गेंद है उसे साईं अष्टोत्रम् से पहला नाम जपना चाहिए और फिर उसका नाम लेकर गेंद को दूसरे बच्चे की ओर फेंकना चाहिए।
    उदाहरण: ओम श्री भगवान सत्य साई बाबाय नमः।
  3. दूसरा बच्चा गेंद पकड़ता है और अगला नाम ओम श्री साई सत्य स्वरुपाय नमः का जप करता है।
  4. अब वह गेंद तीसरे बच्चे की ओर फेंकता है जिसे तीसरा नाम जपना होता है इत्यादि।
  5. खेल इसी प्रकार तब तक जारी रहता है जब तक समय की उपलब्धता के आधार पर सही क्रम में निर्दिष्ट संख्या में नाम का जप नहीं हो जाता।
  6. जो बच्चा दिए गए नाम को याद नहीं कर पाता या गलत उच्चारण करता है, उसे खेल से बाहर कर दिया जाता है।
गुरुओं को सुझाव:
  • गुरुओं को यह गतिविधि बच्चों को अभ्यास कराने के लिए एक बहुत ही उपयोगी उपकरण के रूप में मिलेगी।
  • गतिविधि को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए, बच्चों को गतिविधि शुरू होने से पहले सेट के अनुसार अष्टोत्रम् सीखने के लिए कहा जा सकता है (मान लीजिए प्रति सेट 10)। यह एक आदर्श मूल्यांकन उपकरण भी हो सकता है!!!